रिपोर्ट :- अजय रावत
गाजियाबाद :-
बीते कई दशक से संचालित तथा देश-विदेश में गाजियाबाद को पहचान दिलाने वाली एटलस साइकिल कंपनी के बंद होने पर अभी तक जहां कांग्रेस पार्टी तथा कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई थी वहीं अब रालोद ने भी एटलस कंपनी के पुनः संचालन की मांग केंद्र व प्रदेश सरकार से की है जिससे कि वहां कार्यरत हजारों मजदूर व उनके परिवार पर रोजी रोटी का संकट ना आए।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह टीटू ने कहा कि एटलस साइकिल कंपनी का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है, देश के लिए और विशेष तौर से उत्तर प्रदेश के लिए भी। उन्होंने कहा कि मैं एटलस साइकिल की बात करना चाहता हूं। भारत की धरोहर Atlas cycle बचपन में पैदा होने से लेकर जीवन के आखिरी पहलू तक साइकिल का प्रचलन है, अपनी अपनी सुविधा के हिसाब से। मां बाप के सभी बच्चे लायक नहीं होते लेकिन नालायक पर भी उतनी ही मेहनत करी जाती है और उसे भी कामयाब करने के लिए हर तरीके का प्रयास किया जाता है। अगर सोच लिया जाए कि यह नालायक है कामयाब नहीं होगा तो कभी मां-बाप सभी बच्चों को पढ़ा ही नहीं पाएंगे। एटलस साइकिल का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है । एटलस साइकिल ने भारत को एक पहचान दी है देश-विदेश में। इंदरजीत सिंह टीटू ने आगे कहा कि जिनका रिटायरमेंट का समय है वह इस समय किस मोड़ पर आकर खड़े हो गए हैं केवल नर्क जैसा जीवन जीने पर मजबूर हो जाएंगे। मैं केंद्र व प्रदेश सरकार से यह कहकर निवेदन करना चाहता हूं कि विपक्ष की आवाज को इस वजह से केवल ना देखें कि विपक्ष की आवाज है और ना सोचे कि विपक्ष राजनीति कर रहा है। इस समय केवल और केवल एटलस में अपना जीवन भर मेहनत करने वालों के परिवार के बारे में सोचें विपक्ष की तरफ ना सोचें और एटलस साइकिल को हर संभव प्रयास से दोबारा जिंदा करें।