रिपोर्ट :- अजय रावत


गाजियाबाद :-
         प्रकृति का अनमोल वरदान वृक्ष, जो अपना सर्वस्व परोपकार में समर्पित कर देते हैं, जो पत्थर खाकर भी बदले में मीठे फल देते हैं, जो हमें जीने के लिए प्राणवायु प्रदान करते हैं और हम मानव उनका आभार मानने के स्थान पर निरंतर वृक्षों को काटते जा रहे हैं।

हमारी मूलभूत आवश्यकताओं भोजन, वस्त्र और आवास के लिए भी हम पेड़ों पर ही आश्रित हैं। हमारे जीवन के आरंभ से अंत तक वृक्षों का हमसे एक अटूट संबंध है। हमारे नामकरण के हवन में जलने वाली समिधा तथा मृत्यु के उपरांत चिता में जलने वाली लकड़ियां इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। आज यह परम आवश्यक है कि हम वृक्षों को न सिर्फ कटने से बचाएं अपितु नए पौधे लगाएं और साथ ही अपने बच्चों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें। 
आजकल बच्चों की बर्थडे पार्टी का बहुत चलन है। मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न रिटर्न गिफ्ट्स के तौर पर बच्चों को एक पौधा दें और उनके बीच यह प्रतियोगिता रखें कि एक वर्ष के बाद जिसका पौधा सबसे अधिक स्वस्थ या हरा भरा होगा, वह बच्चा प्रतियोगिता का विजेता बनेगा। शायद प्रतियोगिता जीतने के भाव से ही हम उनके मन में पेड़ों के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर पाएं। ऐसे कितने ही उपाय किए जा सकते हैं पर्यावरण को शुद्ध और स्वस्थ बनाने के लिए, किन्तु केवल औरों को ही नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना होगा तभी हम अपने कल को सुरक्षित कर पाएंगे।
पर्यावरण के प्रति लोगों को सचेत करने का एक छोटा सा प्रयास वी एन भातखंडे संगीत महाविद्यालय गाजियाबाद के छात्रों द्वारा करें सुरक्षित कल नामक विडियो के माध्यम से किया गया है। इसमें संगीत शिक्षिका ज्योति शर्मा द्वारा रचित गीत- धरती को हम स्वर्ग बनाएं करें सुरक्षित कल
चैती शर्मा व शाश्वती त्रिगुणायत द्वारा गाया गया है। संगीतकार सतीश कुमार ने इसका संगीत संयोजन किया है। महाविद्यालय के निदेशक पंडित हरिदत्त शर्मा जी की प्रेरणा के फलस्वरूप लगभग 40 छात्र छात्रों ने इस वीडियो में सहभागिता की है, जिसमें सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा गया है। पर्यावरण के प्रति जन जन को जागरूक करता 9मिनट का  यह वीडियो खूब पसंद किया जा रहा है।
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