रिपोर्ट :- सीएन राही


मेरठ :-
      कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में लगभग डेढ़ माह पहले जन्मदिन की पार्टी के नाम पर दोस्त को घर पर बुलाकर मौत के घाट उतार दिया। जिस दिन हत्या को अंजाम दिया गया उस दिन एक युवक का जन्मदिन था जिन्होंने षडय़ंत्र के दौरान रूपक नाम युवक को घर से बुलाया जिसके बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने इस मामले में विकास उर्फ चौसठ, विशाल, मोनू उर्फ निसार, मनीष व अमनदीप सागर को जेल भेज दिया है लेकिन पुलिस ने अभी तक मृतक का शव बरामद नहीं किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि तीनों ने उसकी हत्या करने के बाद शव के टुकड़े करके एक बोरवैल में डाल दिया था। मृतक की माँ का कहना है कि पुलिस इस मामले में ढील बरत रही है और आज तक भी मेरे बेटे के शव को बरामद नहीं कर सकी है। यही नहीं युवक की हत्या के बाद थाना इंचार्ज व कुछ सिपाहियों ने उनके घर मारपीट भी की तथा अभद्र टिप्पणी भी की। जिसको लेकर मृतक की माँ अन्य महिलाओं के साथ पुलिस की कार्यवाही के खिलाफ आमरन अनशन पर बैठ गई है और उनका कहना है कि जब तक इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं की जाती तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

बता दें कि रूपक पुत्र जसवंत सिंह अनूपनगर फाजलपुर का निवासी था। करीब डेढ़ माह रूपक को उसके कुछ दोस्तों ने जन्मदिन की पार्टी देने के नाम पर बुलाया था। जिसके बाद एक साजिश के तहत विकास उर्फ चौसठ, विशाल, मोनू उर्फ निसार, मनीष व अमनदीप सागर ने उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। मामले का पता चलने पर पुलिस ने हत्या में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन पुलिस ने अभी तक उसके शव को बरामद नहीं किया है। रूपक के परिजनों का कहना है कि सभी आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया था कि सभी ने उसकी हत्या करने के बाद शव के टुकड़े कर एक बोरवैल में डाल दिया था। मृतक की माँ का कहना है कि पुलिस मिलीभगत कर शव बरामद न करके आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। मृतक की माँ का कहना है कि पुलिस का व्यवहार काफी निंदनीय व अशोभनीय है। पुलिस ने न केवल उनके साथ घर में घुसकर मारपीट भी और उन्हें गाड़ी में डलवाकर थाने ले गए। इतना सबकुछ होने के बावजूद अब मृतक की माँ आमरण अनशन पर बैठ गई है।
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