◼कोना कोना शहर का, अब वीरान नजर आता है, हर गली कूचा बाजार सुनसान नजर आता है, रोज रहा करता था, गुलजार जो हंसी ठहाको से, वही चौबारा अब शमशान नजर आता है, वाकई यह कोई बीमारी है लगता नहीं, या रब ये तो इंसानी खताओं का तावान नजर आता है, यकीन करने के लिए मौजूद है, वजू हालात ए कॉफी, यह आदमी भवा संबंधों का गुलफान नजर आता है, रहने को बनाया था, जो कभी बड़ी जद्दोजहद से, उसी द्वार पर हर कोई परेशान नजर आता है, सब महफूज रहें जब तक अपने घर में, जिंदा रहने का यही एक इम्तिहान नजर आता है
रिपोर्ट :- सिटी न्यूज़ हिंदी
गाजियाबाद :-
आज पूरा देश कोरोना वायरस से परेशान हैं, पर सियासी लोगों को रामनीति पर राजनीति लगातार जारी, यह देश सबका है, हमारा है, ऐसे समय में सब राजनीतिक दलों को एकजुट होकर, देश के लोग कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे हैं, और लगातार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, यह एक बड़ी शर्मनाक बात है
अजय गुप्ता ने बताया आज हमारा पहला धर्म कोरोना वायरस से नागरिकों को मुक्ति दिलाने का है, ना कि मंदिर मस्जिद पर सियासत करें लगातार कोरोना वायरस से नागरिकों की जीवन की त्रुटि होती जा रही है, आम नागरिक परेशान हैं, काम धंधे सब बंद हैं, बाजार वीरान पड़े हैं कोरोना वायरस लगातार अपने पैर हर घर में हर गली में पसार रहा है, हमें उस पर लगाम लगाकर, केंद्र सरकार और प्रशासन का साथ देते हुए चलना है, मेरा सभी दलों से अनुरोध है, कृपया राजनीति बंद करें, पहले देश के भले के लिए सोचें, हर नागरिक को पहले अपने और अपने परिवार की सुरक्षा करनी है, सरकार की नजरों में आप सिर्फ एक जनसंख्या हो, और परिवार की नजरों में आप सब कुछ हो, इसलिए आप सोशल डिस्टेंसिंग मास्क और दो गज की दूरी का पालन करते हुए, अपने परिवार पर आए हुए खतरे को खत्म करना है, प्रशासन का साथ दें, सबसे पहले हमारा धर्म हमें अपना परिवार बचाना है, देश तो कोरोना मुक्त बनाना है,
जय हिंद
अजय गुप्ता प्रदेश सचिव अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल