रिपोर्ट :- सिटी न्यूज़ हिंदी
गाजियाबाद :-
देश में कोरेाना के मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है। इसने शहर के बुटीक संचालकों को और अधिक सावधानी बरतने को मजबूर कर दिया है। कारीगरों को ही नहीं कस्टमर को भी मास्क लगाने के बाद ही एंट्री दी जा रही है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो सके इसके लिए कारीगरों को शिफ़्ट में बुलाया जा रहा है।
बुटीक संचालकों ने कोरोना से बचाव को लेकर कई उपाय किए हैं। इनमें कारीगरों द्वारा घर से पहनकर आने वाले जूतों को बाहर ही उतरवा लेना भी शामिल है। कारीगरों के आने पर सबसे पहले उनका पूरी बाॅडी स्प्रे सैनिटाइजेशन किया जा रहा है।बुटीक संचालकों के अनुसार जूते भी बाहर ही निकलवा लिए जाते हैं। बुटीक में उनके लिए चप्पलों की व्यवस्था की गई है। जब तक वे बुटीक में रहते हैंए तब तक उन्हें ही पहनकर रखते हैं
इसके अलावा बुटीक में उनके लिए कपडों की व्यवस्था भी की गई है। उन्हें पहनकर ही वे सिलाई आदि का काम करते हैं।
कारीगर बुटीक में आने के बाद चेहरे पर फेस शील्ड लगाते हैं और उसे लगाकर ही काम करते हैं
डिजाइनर अटाॅयर की संचालक आशु अग्रवाल बताती हैं कि वे खुद भी इसे लगाकर रखती हैं। सिर्फ लंच के समय ही इसे उतारा जाता हैं। फेस शील्ड मास्क से अधिक आरामदायक होने के साथ कोरोना से बचाव भी अधिक करता है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो सके इसके लिए कारीगर शिफ़्ट में काम कर रहे हैं। कस्टमर्स के लिए भी माॅस्क का प्रबंध किया गया है। उन्हें भी सैनिटाइजेशन के बाद ही एंट्री दी जाती है।
लाॅकडाउन के चलते बुटीक चार महीने से अधिक समय तक बंद रहे। अब बुटीक खुले तो हैं मगर कोरोना का खतरा पहले से अधिक बढ गया है। इसी के चलते ऐसे उपाय किए जा रहे हैं कि खुद तो सुरक्षित रहे, साथ ही कस्टमर भी सुरक्षित रहें।