◼️किया ऐतिहासिक छड़ी यात्रा का चार वर्ष तक नेतृत्व 

◼️बाबा अमरनाथ पर दिखाई देने वाले अमर कबूतर जोड़ा के कई बार किए दर्शन 

◼️"जय हो बाबा अमरनाथ जय हो अमरनाथ बर्फानी,
भूखे को भोजन देते है और प्यासे को पानी"
 



रिपोर्ट :- अजय रावत

गाज़ियाबाद :- बिलकुल सत्य है बाबा अमरनाथ बर्फानी इस संसार को चलाने वाले है  बाबा बर्फानी का आशीर्वाद है कोई व्यक्ति भूखे पेट तो उठता है पर सोता नही है। बाबा अमरनाथ भक्तो की सभी इच्छाओं को पूरी करते है। बाबा अमरनाथ अपने भक्तों की रक्षा करते है। बाबा अमरनाथ नाथ इतने भोले है कि भक्ति की एक आवाज पर दौड़े आते है। बाबा अमरनाथ नाथ बर्फानी की महिमा ही अलंकार है। बाबा अमरनाथ बर्फानी दुर्गम और कठिन यात्रा को भी इतना आसान बना देते है कि भक्त को ये पता ही नही चलता की बाबा के द्वार कब  पहुंच गए। देश भर से लाखों भक्त बाबा अमरनाथ के दर्शनों को पहुंचते है। ये बाबा अमरनाथ की कृपा है कि जो एक बार बाबा के दर्शन कर लेता है वो बार - बार जाता है। 

श्री अमरनाथ बाबा बर्फानी के साथ गाजियाबाद का एक इतिहास जुड़ा हुआ है श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहन्त नारायण गिरि जी दूधेश्वर नाथ महादेव मठ.मन्दिर बाबा अमरनाथ बर्फानी के चार वर्ष तक मुख्य पुजारी रहे है। यही नहीं 1980 से 1984 तक श्रीनगर से श्री बाबा अमरनाथ जी तक की छड़ी यात्रा जो निकलती है उसका नेतृत्व श्री महंत नारायण गिरि ने किया है। सिटी न्यूज़ से वार्ता के दौरान श्री महंत नारायण गिरि ने कहा कि 181 किलोमीटर लंबी ये यात्रा 11 दिन में पूरी की जाती है उन्होंने कहा कि जिन अमर कबूतर के जोड़े के बारे में जो प्रचलित कथा जुड़ी हुई है उन्होंने उन अमर कबूतर के जोड़े को चार वर्ष में कई बार देखा। श्रीमहन्त नारायण गिरि जी ने कहा कि ये कबूतर का जोड़ा हर किसी को नही दिखाई देता बल्कि जो सौभाग्य शाली होता उन्ही को कबूतर के जोड़े के दर्शन होते है। उनके अनुसार बाबा बर्फानी अपने भक्तो को निराश नहीं करते है जो यात्रा पर जाए उसकी तो सुनते ही है। इसके साथ ही जो घर बैठकर भी बाबा बर्फानी को याद करता है तो उनकी भी सुनते है। सही कहे तो बाबा बर्फानी भक्तो के कष्ट हरने वाले है। 

उन्होंने कहा कि ये सही है कि बहुत कठिन यात्रा है हर कोई इस यात्रा पर नही जा सकता किंतु ना जाने वाले भी अगर बाबा बर्फानी को आत्मा से याद करे तो बाबा बर्फानी अपने भक्तों के लिए दौड़े आते है। श्री अमरनाथ बाबा बर्फानी एक ऐसा स्थान है जिसके दर्शन मात्र से जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम कई - कई महीने तक श्री अमरनाथ बर्फानी की गुफा में रहते थे "बाबा अमरनाथ.की छडी यात्रा 181किलोमीटर  श्रावण के पावन.महिने मे.होती है कश्मीर कश्यप ऋषि की तपोभूमि नाग नागिन जोडा जो छडी रूप मे चलती है.हमलोग नागपंचमी के दिन मुख्यमंत्री केन्द्रीय मंत्री राजनैतिक लोग सन्तो.के सानिध्य मे छडी का पूजन करके दशनामी अखाडा पर्चा चौक लाल चौक के पास से छडी यात्रा आरम्भ होती थी।

वहा से यात्रा प्रारम्भ होने के बाद नाग पंचमी को शंकराचार्य टेकरी पर पूजन होता था,उसके बाद रात्री विश्राम पंप पुर मे फिर बृज बिहाडा के बाद अनन्त नाग मे 3 दिन यात्रा विश्राम होती थी ,उसके बाद मार्तण्ड तीर्थ ,एस मुकाम ,फिर 3 दिन विश्राम पैलगांव ,चन्दनवाडी ,शेषनाग, पिस्सू टाप ,गणेश टाप ,पंचतरणी ,पंचतरणी के बाद बाबा अमरनाथ की गुफा मे दर्शन.करके 11 दिवसीय यात्रा पूर्ण होती थी ,छडी यात्रा के समय हिन्दू मुस्लिम सभी.लोग छडी का पूजन धागा बांधकर अपनी मनोकामनाएं मानना करते थे ,जम्मू कश्मीर पुलिस आर्मी सब बहुत अच्छा सहयोग रहता था ,1980-81 मे मै छडी पुजारी था बहुत अच्छी व्यवस्था होती थी बहुत शान्ति हम यात्रा पूर्ण करते है.और ये बाबा की कृपा है वहां भी और यहां दूधेश्वर मंदिर में सब सिद्ध गुरूमुर्तियो की कृपा से आशीर्वाद से हूं।
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