गाजियाबाद :-
          आदरणीय प्रधान सेवक जी 135 करोड़ जनता का जीवन आपकी सरकार के हाथ में        (-बचाना है )---( तो कैसे बचाना है ) ? 
         हर दिन किसी टीवी चैनल पर यह अखबार में सुर्खियां होती है कि कई हॉस्पिटल में धक्के खाते खाते अपना जीवन  खो दिया चाहे है मामला किसी भी क्षेत्र का क्यों ना हो----- 
        मेरे संज्ञान में कुछ ऐसे मामले  जिन्होंने मानवता को तार-तार किया 
    ( 1 )अभी एक हफ्ता पहले नोएडा और खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद के दो मामले सामने आए जिसमें मातृशक्ति एक महिला ने अपना अब आने वाले बच्चे का जीवन खो दिया लगातार दो दिन ऐसा दुखद हादसा हुआ जो देश के लिए एक धब्बा है
   (  2  )आज का ताजा मामला गाजियाबाद विजयनगर निवासी महेश जी का जिन्होंने कल अपना जीवन खो दिया कई अस्पतालों में धक्के खाने के बाद भर्ती ना करने की वजह से 
         हम  विश्व की महाशक्ति कह जाते हैं--- मानवता इंसानियत तार-तार हो गई ----बलरामपुर यूपी में जब कूड़े के टेंपो में  मृतक व्यक्ति के शव को डाल कर ले जाया गया इससे दुखद क्या हो सकता है
      🙏🙏मेरा दोनों हाथ जोड़ के निवेदन कुछ सुझाव के साथ
1--- जैसे हमने एंबुलेंस चला रखी हैं अलग-अलग नंबर से ऐसी विशेष एंबुलेंस नंबर दिया जाए मरीज के लिए और तुरंत उपलब्ध हो ऐसी एंबुलेंस
2--- हर क्षेत्र हर शहर हर प्रदेश में जितने भी प्राइवेट हॉस्पिटल हैं 10 की संख्या वाले बेड से ऊपर हॉस्पिटल आधे आम मरीजों के लिए खुले होने चाहिए और आधे कोविड-19 के लिए
3--- कोविड-19 का इलाज करने वाले सभी डॉक्टर नर्स और बाकी टीम की सैलरी दोगुना कर देनी चाहिए दूसरे सेवा करने वाले से
4--- प्राइवेट हॉस्पिटल अगर कोविड-19 का इलाज नहीं करते जिनकी 10 बेड से ज्यादा की परमिशन है उनके परमिट तुरंत कैंसिल करने का आदेश जारी हो सरकार के द्वारा
मेरे निवेदन को स्वीकार करें--- अगर सुझाव अच्छे लगे और इस मानवता को बचाने के लिए हर प्रयास करें जाएं एक बड़ी लड़ाई की तरह मानकर
 135 करोड़ में से 
  एक समाज सेवा 
      और 
 राजनीति सीखने वाला व्यक्ति
 इंदरजीत सिंह टीटू
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