रिपोर्ट :- अजय रावत


गाजियाबाद :-
        एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि जब कोई रोगी किसी अस्पताल पहुंचता है तो वहां का स्टाफ उसका इतना उत्पीड़न करता है कि रोगी और उसके तीमारदारों का मनोबल 80% तक गिर जाता है खुद रोगी और उसके परिजन सदमे में आ जाते हैं अभी हाल ही में खोड़ा की घटना काफी चिंताजनक है खोड़ा में रहने वाले विजेंद्र की पत्नी नीलम गर्भवती थी ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण उसको नोएडा के सरकारी अस्पताल समेत कई प्राइवेट अस्पतालों में भी ले जाया गया किसी भी अस्पताल में ना उसका उपचार किया ना उसको भर्ती किया जिस कारण उसकी मौत हो गई प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष बी के शर्मा हनुमान ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है की किसी भी बीमारी से ग्रसित रोगी को निजी या सरकारी अस्पताल में भर्ती करने के आदेश जारी किए जाएं अगर को रोना का संदेह है तो उसकी तत्काल जांच कराई जाए और रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाई जाए ताकि उसके इलाज में कोताही ना हो कोरोना ना होने पर भी रोगी को उपचार मिला उसका नैतिक अधिकार है और यदि कोई अस्पताल इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए
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